प्रयागराज में अस्पताल में भर्ती मरीज ने चाकू से रेती गर्दन, मौत


अतरसुइया स्थित अस्पताल में भर्ती मरीज नौशाद ने चाकू से अपनी गर्दन रेतकर जान दे दी। उसके बाएं पैर में संक्रमण हो गया था जिससे वह काफी परेशान था। पुलिस के मुताबिक, घरवालों से मिली जानकारी और मौका मुआयना करने के बाद यही लग रहा है कि बीमारी से तंग आकर उसने यह कदम उठाया। जांच-पड़ताल की जा रही है। नौशाद(35) पुत्र हाफिज खुल्दाबाद क्षेत्र के काका का खेत, अटाला का रहने वाला था। वह मीट की दुकान में काम करता था। महीने भर पहले काम करने के दौरान उसके एक पैर में कील धंस गई। ध्यान न देने की वजह से पैर में संक्रमण हो गया। डॉक्टरों को दिखाने पर पता चला कि सेप्टिक की चपेट में आने से उसके पूरे पैर में संक्रमण हो गया है। हफ्ते भर पहले उसे अतरसुइया के दरियाबाद में पीपल तिराहा स्थित अल्सिफा मेडिकल सेंटर में भर्ती कराया गया।

वह दूसरे तल पर स्थित प्राइवेट वार्ड में भर्ती था। हालांकि इलाज के बाद भी हालत में सुधार नहीं हुआ। डॉक्टरों ने यह भी बताया था कि संक्रमण की वजह से पैर भी काटना पड़ सकता है। शनिवार को उसकी देखरेख के लिए भतीजा तौफीक मौजूद था। पुलिस के मुताबिक, घरवालों ने बताया कि रात करीब दो बजे नौशाद के कहने पर वह घर चला गया। सुबह पांच बजे के करीब अस्पताल का स्टाफ वार्ड में पहुंचा तो देखा कि नौशाद की खून से लथपथ लाश बिस्तर पर पड़ी हुई थी।

बगल में ही चाकू पड़ा था और उसके गले में गहरा जख्म था। सूचना पर घरवाले पहुंच गए। करीब 10 बजे सूचना मिली तो पुलिस पहुंची। जांच पड़ताल के बाद पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इंस्पेक्टर अतरसुइया जयचंद शर्मा ने बताया कि घरवालों ने बताया है कि बीमारी को लेकर वह बहुत परेशान था। फिलहाल यही माना जा रहा है कि बीमारी से तंग आकर उसने जान दे दी। जांच की जा रही है। 

अब जी कर क्या करूंगा
पुलिस के मुताबिक, घरवालों ने पूछताछ में बताया कि बीमारी से परेशान नौशाद दो-तीन दिनों से जान देने की बात भी कर रहा था। तीन दिन पहले जब डॉक्टरों ने संक्रमण पूरे पैर में फैलने की बात बताई तो वह परेशान हो उठा था। उसने यह भी कहा था कि अब वह जीकर क्या करेगा। हालांकि  तब किसी को अंदेशा भी नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।