भारतीय वायु सेना के बेड़े में ऐसे कई हेलीकॉप्टर शामिल हैं, जिनमें अपार खूबियां हैं। इनमें मिसाइल से लेकर गति तक हर चीज में अलग-अलग खासियत मिल जाएंगी। चलिए जानते हैं दुनिया के सबसे खतरनाक पांच हेलीकॉप्टर के बारे में-
कामोव केए-50 और 52-
रूसी लड़ाकू हेलीकॉप्टर कामोव केए-50 और 52 को ब्लैक शार्क भी कहते हैं। ये सिंगल सीट वाला हल्का और अच्छी मारक क्षमता वाला हेलीकॉप्टर है। इसे साल 1980 में बनाया गया था, लेकिन रूसी सेना इसे साल 1995 में इस्तेमाल में लाई। पायलट हेलीकॉप्टर को उड़ाने के साथ-साथ दुश्मन पर हमला भी कर सकता है।
छोटे आकार के कारण यह दूसरे हेलिकॉप्टरों से तेज है। इससे मुश्किल अभियानों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है। इस हेलीकॉप्टर को तेजी से उड़ाने में तीन-तीन रोटर ब्लेड्स की एक जोड़ी मदद करती है। इसमें पायलट के लिए इजेक्शन सीट लगी है, ताकि इमरजेंसी में वह अपनी जान बचा सके। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 10,800 किलो, अधिकतम गति 310 किलोमीटर प्रतिघंटा और रेंज 520 किलोमीटर है।
छोटे आकार के कारण यह दूसरे हेलिकॉप्टरों से तेज है। इससे मुश्किल अभियानों को भी सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है। इस हेलीकॉप्टर को तेजी से उड़ाने में तीन-तीन रोटर ब्लेड्स की एक जोड़ी मदद करती है। इसमें पायलट के लिए इजेक्शन सीट लगी है, ताकि इमरजेंसी में वह अपनी जान बचा सके। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 10,800 किलो, अधिकतम गति 310 किलोमीटर प्रतिघंटा और रेंज 520 किलोमीटर है।
एमआई-28 एच हैवॉक-
एमआई-28 एच रूसी हेलीकॉप्टर है। नाटो ने इसे 'हैवॉक' नाम दिया है। दो सीट वाला एंटी आर्मर अटैक हेलीकॉप्टर किसी भी मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है। ये गोलियां लगने के बावजूद भी उड़ने की क्षमता रखता है।
इसमें उन्नत किस्म की एंटी टैंक मिसाइल लगी हैं। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 11,500 किलो, अधिकतम गति 320 किमी प्रतिघंटा और रेंज 1100 किमी
इसमें उन्नत किस्म की एंटी टैंक मिसाइल लगी हैं। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 11,500 किलो, अधिकतम गति 320 किमी प्रतिघंटा और रेंज 1100 किमी
यूरोकॉप्टर टाइगर-
लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में यूरोकॉप्टर टाइगर फ्रांस और जर्मनी द्वारा मिलकर बनाया गया है। युद्ध के मैदान में यह हेलिकॉप्टर बाघ की तरह बिना डरे दुश्मन का सामना करता है। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 6,000 किलो, अधिकतम गति 315 किमी प्रतिघंटा और रेंज 800 किमी है।
एएच-1 जेड वाइपर-
एएच-1 जेड वाइपर युद्ध में ऑलराउंडर की भूमिका निभाता है। दो इंजन वाले इस हेलीकॉप्टर को 'जुलू कोबरा' भी कहा जाता है। मरीन फोर्स के लिए बनाए गए इस हेलीकॉप्टर में किसी भी जंग का सामना करने की ताकत है। इसमें पायलट और गनर के हेलमेट में साइट और डिस्प्ले सिस्टम भी लगा है। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 5,580 किलो, अधिकतम गति 337 किमी प्रतिघंटा और रेंज 425 किमी है
अगस्टा ए-129-
अगस्टा ए-129 इटली में बनाया गया है। ये पश्चिमी यूरोप में निर्मित पहला लड़ाकू हेलीकॉप्टर है। इसमें हवा में मौजूद टारगेट को नष्ट करने के लिए विशेष मिसाइल लगी हैं। इसकी अधिकतम भारवहन क्षमता 4600 किलो, अधिकतम गति 280 किमी प्रतिघंटा और रेंज 510 किमी है।